📺 Watch on Jio TV
🌐 Language / भाषा
  • हिन्दी (Hindi)
  • বাংলা (Bengali)
  • ਪੰਜਾਬੀ (Punjabi)
  • ગુજરાતી (Gujarati)
  • मराठी (Marathi)
  • தமிழ் (Tamil)
  • తెలుగు (Telugu)
  • ಕನ್ನಡ (Kannada)
  • മലയാളം (Malayalam)
  • ଓଡ଼ିଆ (Odia)
  • اردو (Urdu)
  • অસમীয়া (Assamese)

UP Govt Mandates Names on Project Foundation Stones: योगी सरकार का नया और सख्त फरमान जारी

UP Govt Mandates Names on Project Foundation Stones के इस नए और चौंकाने वाले फैसले ने उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में एक बड़ा सस्पेंस पैदा कर दिया है। योगी सरकार ने अब विकास कार्यों का बजट जारी करने के नियमों को पूरी तरह से बदलकर रख दिया है। शासन स्तर पर आई बड़ी शिकायतों के बाद नगर विकास विभाग ने यह बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है।

वित्तीय कड़ाई और नया नियम UP Govt Mandates Names on Project Foundation Stones को लेकर प्रमुख सचिव नगर विकास पी. गुरुप्रसाद की ओर से एक बेहद सख्त शासनादेश जारी कर दिया गया है। इस नए नियम के तहत अब राज्य के किसी भी नगरीय निकाय को विकास परियोजनाओं की दूसरी किस्त तभी दी जाएगी, जब वे शिलापट्ट का सबूत देंगे। निकायों को उपयोगिता प्रमाण पत्र के साथ ही जनप्रतिनिधियों के नामों वाले शिलापट्ट की पूरी तरह से प्रमाणित प्रति और लाइव फोटो शासन को भेजनी होगी।

अफसरों द्वारा सत्यापन अनिवार्य UP Govt Mandates Names on Project Foundation Stones से जुड़े इस सबूत को अधिकारियों द्वारा पूरी तरह से वेरिफाई कराया जाना अनिवार्य कर दिया गया है। शासनादेश के मुताबिक, शिलान्यास या लोकार्पण पट्टिका की फोटो को जिलाधिकारी, नगर आयुक्त या संबंधित अधिशासी अधिकारी से बाकायदा प्रमाणित कराना होगा। इस उच्च स्तरीय सत्यापन प्रक्रिया के पूरा होने के बाद ही निकायों के खातों में अगली धनराशि ट्रांसफर की जाएगी।

प्रोटोकॉल का पालन जरूरी UP Govt Mandates Names on Project Foundation Stones के तहत जारी गाइडलाइंस में यह साफ लिखा गया है कि नगर विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं और वित्त आयोग के फंड से होने वाले सभी कार्यों में प्रोटोकॉल का पालन करना ही होगा। इस निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार शिलापट्ट पर मुख्यमंत्री, नगर विकास मंत्री, लोक सभा व राज्य सभा सांसद, महापौर, विधायक, नामित नोडल सदस्य और पालिका व पंचायत अध्यक्षों के नाम लिखे होने चाहिए।

फॉन्ट साइज भी हुआ तय UP Govt Mandates Names on Project Foundation Stones के नियमों में यह भी तय किया गया है कि पट्टिका पर किस नेता का नाम किस फॉन्ट साइज में लिखा जाएगा, ताकि कोई विवाद न हो। सरकार ने सख्त निर्देश दिए हैं कि शिलान्यास और लोकार्पण के सभी सरकारी कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को प्रोटोकॉल के हिसाब से सम्मानपूर्वक आमंत्रित किया जाए। शासन का मानना है कि इससे जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा और भेदभाव की शिकायतें हमेशा के लिए खत्म हो जाएंगी।

लापरवाही पर लगेगी लगाम UP Govt Mandates Names on Project Foundation Stones को लेकर सरकार ने माना कि कई नगरीय निकाय पहले जारी किए गए निर्देशों का बिल्कुल भी पालन नहीं कर रहे थे। सांसदों और विधायकों द्वारा लगातार शासन से शिकायत की जा रही थी कि अफसर उन्हें प्रोजेक्ट्स में तवज्जो नहीं दे रहे हैं। अब योगी सरकार ने इस पूरे नियम को सीधे सरकारी बजट और वित्तीय स्वीकृति से जोड़कर लापरवाही की हर गुंजाइश को पूरी तरह खत्म कर दिया है।

⚡ SHARE THIS POST

Related Posts

What is E100 Fuel: सरकार ने दी 100% इथेनॉल ईंधन को मंजूरी, जानिए आपकी गाड़ी के माइलेज और इंजन पर इसका क्या होगा असर

What is E100 Fuel और यह भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार को किस तरह हमेशा के लिए बदलने वाला है, इसकी चर्चा आजकल हर तरफ बहुत तेजी से हो रही है। देश…

CBI Raid in Ayodhya: अमेठी वित्त विभाग महाघोटाले में अयोध्या समेत 4 जिलों में सीबीआई की बड़ी छापेमारी, मचा हड़कंप

CBI Raid in Ayodhya की इस अचानक हुई कार्रवाई ने पूरी रामनगरी को सन्न कर दिया है, क्योंकि सुबह-सुबह हुई इस हलचल से हर कोई हैरान रह गया। शुरुआत में…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *