रांची और पुरी होटल का मामला IRCTC Hotel Lease Scam से जुड़े बहुचर्चित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लालू प्रसाद यादव के परिवार की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने पूर्व रेल मंत्री लालू यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत नौ आरोपियों पर आरोप तय करने का निर्देश दिया है।
लीज़ की अवधि बढ़ाने का आरोप टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी के प्रमाण जांच एजेंसियों के अनुसार, जब लालू प्रसाद देश के रेल मंत्री थे, तब रांची और पुरी स्थित आईआरसीटीसी के दो होटलों के संचालन का ठेका नियमों को ताक पर रखकर सुजाता होटल्स को दिया गया था। IRCTC Hotel Lease Scam की जांच में यह भी खुलासा हुआ कि पहले लीज 30 साल के लिए थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 60 साल कर दिया गया था।
बेनामी संपत्ति और क्विड प्रो को नोड जमीन हस्तांतरण का बड़ा खेल अभियोजन पक्ष का आरोप है कि इस टेंडर के बदले में लालू परिवार को पटना में बेशकीमती बेनामी जमीन और कंपनियों के शेयर बेहद कम कीमत पर मिले थे। IRCTC Hotel Lease Scam के इस मामले में कोर्ट ने माना कि प्रथम दृष्टया आरोपियों के पास अपराध से जुड़ी संपत्ति और पद के दुरुपयोग के पर्याप्त सबूत हैं।
अगली कानूनी चुनौती राजनीतिक बदले का आरोप लालू परिवार के वकीलों ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया है और इस आदेश को उच्च न्यायालय में चुनौती देने की बात कही है। IRCTC Hotel Lease Scam की अगली सुनवाई के लिए अदालत ने औपचारिक प्रक्रिया पूरी करने हेतु तारीख तय कर दी है।






