CBI Raid in Ayodhya की इस अचानक हुई कार्रवाई ने पूरी रामनगरी को सन्न कर दिया है, क्योंकि सुबह-सुबह हुई इस हलचल से हर कोई हैरान रह गया। शुरुआत में लोगों को लगा कि यह मामला राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़ा है, लेकिन इसके पीछे की कहानी कुछ और ही निकली।
अमेठी का करोड़ों का महाघोटाला यह पूरा मामला अमेठी के वित्त एवं लेखा विभाग में हुए करोड़ों रुपये के महाघोटाले से जुड़ा हुआ है। माननीय न्यायालय के सख्त आदेश के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने इस मामले की कमान अपने हाथ में ली। इसी कड़ी में बुधवार की सुबह जांच एजेंसी ने एक साथ कई जिलों में अपना शिकंजा कस दिया।
चार जिलों में एक साथ कड़ा एक्शन सीबीआई की डीआईजी शिवानी तिवारी के कुशल निर्देशन में यह पूरी कार्रवाई अंजाम दी जा रही है। जांच टीम ने केवल अयोध्या ही नहीं, बल्कि प्रदेश के चार बड़े जिलों लखनऊ, प्रतापगढ़, कुशीनगर और अयोध्या में एक साथ छापेमारी की है। इस चौतरफा कार्रवाई से विभाग के भ्रष्ट अधिकारियों में भारी हड़कंप मचा हुआ है।
पवन मालवीय के घर तड़के दस्तक अयोध्या के कोतवाली नगर क्षेत्र की देवकाली पुलिस चौकी के पास स्थित पवन कुमार मालवीय के आवास पर सुबह ठीक 7 बजे सीबीआई की टीम धमक पड़ी। अधिकारियों ने घर के कोने-कोने को खंगाला और जरूरी दस्तावेजों की बारीकी से जांच की। करीब एक घंटे तक चली इस सघन पड़ताल के बाद सुबह 8 बजे टीम वहां से रवाना हो गई।
बरामद दस्तावेजों से मचेगा हड़कंप इस CBI Raid in Ayodhya के दौरान कई ऐसे अहम सुराग और दस्तावेज हाथ लगने की उम्मीद है जो इस घोटाले के मास्टरमाइंड तक पहुंचने का रास्ता साफ करेंगे। अमेठी वित्त विभाग की फाइलों में दफन यह करोड़ों का राज अब बहुत जल्द पूरी तरह से बेनकाब होने वाला है।




