सोशल मीडिया साजिश का जरिया सीएम योगी की इस तीखी टिप्पणी के बाद देश की राजनीति और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है। काकोरी ट्रेन एक्शन के 101वें वर्ष और शताब्दी समापन समारोह के अवसर पर लखनऊ के काकोरी में आयोजित भव्य कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्र विरोधी ताकतों को आड़े हाथों लिया।
भारत विरोधी ताकतों का तीसरा हथियार बना सोशल मीडिया बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देश को कमजोर करने की साजिशें रचने वाली ताकतें अब ऑनलाइन डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का सहारा ले रही हैं। समाज में अफवाहें फैलाने, भ्रम पैदा करने और आंतरिक रूप से देश को जाति, भाषा और क्षेत्र के नाम पर बांटने के लिए सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है।
क्रांतिकारियों के इतिहास से नई पीढ़ी को दूर रखने का आरोप लगाते हुए सीएम योगी ने कहा कि आजादी के बाद देश के नायकों जैसे राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान, चंद्रशेखर आजाद, और भगत सिंह के योगदान को जानबूझकर दबाया गया। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के सच्चे अमर बलिदानियों को उनका वास्तविक सम्मान मिलना शुरू हुआ है।
हर घर तिरंगा और वंदे मातरम गाने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने जनता से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने घरों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने और संस्थानों में वंदे मातरम का गायन सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हमें अपने भूले-बिसरे स्वतंत्रता सेनानियों के स्मारकों का जीर्णोद्धार कर उन्हें नमन करना चाहिए।





