Ayodhya Ram Mandir Trust Website Update को लेकर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने एक ऐसा ऐतिहासिक और बड़ा फैसला लिया है, जिसने मंदिर प्रशासन से लेकर आम जनता तक सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। अयोध्या राम मंदिर में लगातार बढ़ रहे वीआईपी और आम श्रद्धालुओं के चढ़ावे के बीच हाल ही में सामने आई चोरी की घटनाओं ने ट्रस्ट प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। इसी सुरक्षा चूक और वित्तीय अनियमितताओं को हमेशा के लिए खत्म करने के लिए ट्रस्ट ने अब सीधे डिजिटल तकनीक का सहारा लेने का मन बना लिया है।
चोरी की वारदातों के बाद जागा मंदिर प्रशासन राम मंदिर के परिसर और दान काउंटर से चढ़ावे व रसीद बुक में हेराफेरी की कुछ शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं। इन वारदातों ने न सिर्फ करोड़ों राम भक्तों की आस्था को ठेस पहुंचाई, बल्कि मंदिर की सुरक्षा और पारदर्शिता पर भी उंगलियां उठाईं। इसी आंतरिक चोरी और गड़बड़ी पर पूरी तरह से लगाम लगाने के लिए राम मंदिर ट्रस्ट ने अब बैकएंड से लेकर फ्रंटएंड तक की पूरी व्यवस्था को बदलने की तैयारी शुरू कर दी है, ताकि भविष्य में कोई भी कर्मचारी या बाहरी व्यक्ति हेरफेर न कर सके।
वेबसाइट पर लाइव होगी पाई-पाई की रसीद इस नए डिजिटल सिस्टम के लागू होते ही दान काउंटरों पर कटने वाली हर एक रसीद की रियल-टाइम एंट्री सीधे मुख्य सर्वर पर दर्ज होगी। Ayodhya Ram Mandir Trust Website Update के माध्यम से अब प्रतिदिन आने वाले गुप्त दान, चेक, ऑनलाइन ट्रांसफर और कैश काउंटरों की हर एक रसीद को सीधे आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। इस बड़े कदम से न सिर्फ पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि ट्रस्ट के पास भी हर सेकंड के वित्तीय लेनदेन का बिल्कुल सटीक और साफ हिसाब-किताब मौजूद रहेगा।
अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर को किया जा रहा है अपग्रेड ट्रस्ट से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, वर्तमान में इस्तेमाल हो रहे अकाउंटिंग सिस्टम और सॉफ्टवेयर को पूरी तरह से नए और हाई-टेक फीचर्स के साथ री-डिजाइन किया जा रहा है। अब कोई भी रसीद बिना कंप्यूटर जनरेटेड बारकोड और सीरियल नंबर के नहीं कटेगी। इसके अलावा डिजिटल रसीद कटते ही सीधे दानदाता के मोबाइल नंबर पर एसएमएस और उनके ईमेल पर तुरंत कंफर्मेशन रसीद पहुंच जाएगी, जिससे किसी भी तरह की कागजी हेराफेरी की गुंजाइश पूरी तरह खत्म हो जाएगी।
भक्तों के मन में बढ़ेगा पारदर्शिता का भरोसा अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण के बाद से ही हर दिन लाखों की संख्या में श्रद्धालु रामलला के दर्शन करने पहुंच रहे हैं और करोड़ों रुपये का गुप्त व प्रत्यक्ष दान दे रहे हैं। ऐसे में ट्रस्ट के इस नए फैसले से आम जनता और देश-विदेश के दानदाताओं के बीच मंदिर की साख और भी ज्यादा मजबूत होगी। हर भक्त अब घर बैठे यह आसानी से देख सकेगा कि मंदिर के खजाने में किस माध्यम से कितना पैसा आ रहा है और उसका उपयोग किस प्रकार किया जा रहा है।
सुरक्षा और निगरानी तंत्र भी होगा बेहद कड़ा वेबसाइट अपडेट करने के साथ-साथ राम जन्मभूमि परिसर के सभी दान काउंटरों पर सीसीटीवी कैमरों की संख्या भी बढ़ाई जा रही है। इन काउंटरों की सीधी निगरानी सीधे ट्रस्ट के मुख्य नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) से की जाएगी। साथ ही कैश कलेक्शन के काम में लगे कर्मचारियों की हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए विशेष सुरक्षा ऑडिट टीम का भी गठन किया जा रहा है, जो हर शाम को कैश और रसीदों का मिलान डिजिटल डेटा से करेगी।







