Vaishno Devi Silver Purity Row ने न सिर्फ जम्मू-कश्मीर बल्कि पूरे देश के धार्मिक और राजनीतिक गलियारों में एक ऐसा भूचाल ला दिया है जिसने हर किसी को सन्न कर दिया है। श्री माता वैष्णो देवी मंदिर के पावन चढ़ावे में टन के हिसाब से नकली चांदी मिलने के सनसनीखेज खुलासे के बाद अब यह मामला पूरी तरह से गरमा चुका है। इस बेहद संवेदनशील और करोड़ों भक्तों की आस्था से जुड़े मुद्दे पर अब विपक्षी दलों ने सीधे सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
शिवसेना यूबीटी का प्रशासन पर तीखा हमला शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे की जम्मू-कश्मीर इकाई ने इस पूरे मामले को लेकर एक आपातकालीन प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई और स्थानीय प्रशासन को आड़े हाथों लिया। पार्टी के प्रदेश प्रमुख मनीष साहनी ने कहा कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) कोर्ट द्वारा इस मामले में सीधे हस्तक्षेप करना स्वागत योग्य कदम है। लेकिन इतने बड़े धार्मिक और वित्तीय घोटाले की तह तक जाने के लिए केवल स्थानीय स्तर पर जांच होना बिल्कुल भी काफी नहीं है।
करोड़ों रुपये के घोटाले में सीबीआई जांच की मांग पार्टी ने पुरजोर तरीके से मांग उठाई है कि इस पूरे महा-घोटाले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) या उच्च न्यायालय के किसी मौजूदा जज की देखरेख में ही कराई जानी चाहिए। साहनी ने स्थानीय पुलिस की क्राइम ब्रांच की ढुलमुल कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाते हुए कहा कि इतने दिन बीत जाने के बाद भी ठोस धाराओं के तहत प्रभावी एफआईआर दर्ज न होना साफ तौर पर कुछ बड़े चेहरों को बचाने की ओर इशारा करता है।
धार्मिक स्थलों की वित्तीय व्यवस्था पर गहराया संदेह अयोध्या राम मंदिर में चंदे के कथित गबन के मामलों का जिक्र करते हुए शिवसेना नेताओं ने कहा कि देश के बड़े धार्मिक ट्रस्टों में पारदर्शिता का अभाव अब एक गंभीर समस्या बन चुका है। Vaishno Devi Silver Purity Row का यह नया और हैरान करने वाला मामला भी श्रद्धालुओं के उस अटूट भरोसे को बुरी तरह तोड़ रहा है जिसके साथ वे अपनी मेहनत की कमाई मंदिर में अर्पित करते हैं।
उपराज्यपाल से श्वेत पत्र जारी करने की सीधी अपील शिवसेना UBT ने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल, जो कि श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के अध्यक्ष भी हैं, से तत्काल इस पूरे मुद्दे पर एक आधिकारिक श्वेत पत्र (White Paper) जारी करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकार को तुरंत देश के सामने सच लाना चाहिए और भारतीय न्याय संहिता (BNS) व भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत जिम्मेदार अधिकारियों को तुरंत सलाखों के पीछे भेजना चाहिए।
20 टन चांदी की मिंट जांच में खुला महा-घोटाला इस पूरे विवाद की असली वजह वह चौंकाने वाली रिपोर्ट है जिसने श्राइन बोर्ड के प्रबंधन की पोल खोलकर रख दी है। मंदिर में जमा हुए करीब 20 टन चांदी के चढ़ावे को जब सरकारी मिंट में गलाने के लिए भेजा गया, तो जांच में सामने आया कि उसमें से सिर्फ 5 से 6 फीसदी चांदी ही असली थी। बाकी के 95 प्रतिशत हिस्से में कैडमियम और लोहे जैसी बेहद सस्ती धातुओं की मिलावट पाई गई, जिसने लगभग 550 करोड़ रुपये के बड़े भ्रष्टाचार की पोल खोल दी।
लद्दाख की मांगों और सोनम वांगचुक पर जताई चिंता प्रेस वार्ता के अंतिम पड़ाव में शिवसेना UBT की टीम ने लद्दाख की छह सूत्रीय मांगों को लेकर आमरण अनशन पर बैठे प्रख्यात शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक की गिरती सेहत पर भी गहरी चिंता जताई। उन्होंने केंद्र सरकार पर लद्दाख के छात्रों और नागरिकों की जायज मांगों की अनदेखी करने का सीधा आरोप लगाया। पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि वांगचुक के स्वास्थ्य को कुछ भी हुआ, तो इसके लिए सीधे तौर पर केंद्र सरकार जिम्मेदार होगी।







