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Changur Foreign Bank Case: ATS को मिली बड़ी लीड | Dubai Connection

Changur Foreign Bank Case में एटीएस को बड़ा सुराग हाथ लगा है—जांच में सामने आए दुबई के सात बैंक खातों ने पूरे नेटवर्क की परतें खोलनी शुरू कर दी हैं।

Changur Foreign Bank Case: दुबई खातों से खुलेंगे कई चेहरे

Changur Foreign Bank Case में एटीएस को नवीन उर्फ जमालुद्दीन के नाम से दुबई समेत सात विदेशी बैंक खातों की जानकारी मिली है। ये खाते ही हिंदू युवतियों के मतांतरण की साजिश में फंडिंग के सबसे अहम स्त्रोत रहे हैं।


विदेशी बैंकों से ट्रैक हो रही है फंडिंग की डोर

नवीन के इन खातों से भारत में मतांतरण अभियान के लिए फंड भेजा गया था। एटीएस इन खातों की लेनदेन हिस्ट्री को खंगाल रही है ताकि उन चेहरों की पहचान हो सके, जो अब तक परदे के पीछे रहे हैं।


मिनी सऊदी के नाम से मशहूर उतरौला की भूमिका

उतरौला, जहां बड़ी संख्या में लोग खाड़ी देशों में रहते हैं, इस नेटवर्क का महत्वपूर्ण केंद्र रहा। यहीं से इस्लाम धर्म के प्रचार के नाम पर चंदा लिया गया और उसका उपयोग मतांतरण और जमीन खरीद में किया गया।


नीतू ही थी फंडिंग की मुखिया

छांगुर के इशारे पर उसकी करीबी नीतू उर्फ नसरीन ही तय करती थी कि फंड किस खाते में जाना है और किसे देना है। नवीन और नीतू के जरिए यह रकम छांगुर तक पहुंचती और फिर इस्तेमाल होती थी।


ATS को नहीं मिले ट्रांजैक्शन के पूरे ब्यौरे

हालांकि खातों के नंबर एटीएस के पास हैं, लेकिन अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि इन खातों में किसने कितनी रकम भेजी और उसे किसने खर्च किया। ये जानकारियां आने वाले समय में और चेहरों को बेनकाब कर सकती हैं।


ATS के सामने पेश नहीं हुए आरोपी

नवीन, नीतू और उनकी बेटी समाले को अयोध्या की ATS फील्ड यूनिट ने तलब किया था, लेकिन छांगुर ने उन्हें जानबूझकर पेश नहीं होने दिया। इससे पहले गिरफ्तारी से बचने की कई कोशिशें की गईं।


फंडिंग से जमीन खरीद तक का पूरा नेटवर्क

नवीन के खातों से आई रकम का इस्तेमाल मधपुर और उतरौला में जमीन खरीदने में किया गया। इस पूरे नेटवर्क में महबूब, रमजान, शहाबुद्दीन समेत कई नाम सामने आए हैं जो अब ATS की जांच के घेरे में हैं।


पीस कमेटी से प्रशासन तक पैठ

एटीएस की जांच में एक चौंकाने वाला नाम ऐसा भी सामने आया है जो छांगुर की गिरफ्तारी से पहले तक उतरौला कोतवाली की पीस कमेटी की बैठकें संचालित करता था और परिवार परामर्श केंद्र का सलाहकार भी था।


ATS की रिमांड पूरी, अगले चरण की तैयारी

छांगुर और नीतू की 7 दिन की रिमांड बुधवार को पूरी हो रही है। इसके बाद ATS उन सभी नामजद लोगों पर शिकंजा कस सकती है जिनके नाम अब तक की रिपोर्ट में सामने आ चुके हैं।


20 लोगों से तलब किए गए अभिलेख

एटीएस श्रावस्ती फील्ड यूनिट ने करीब 20 लोगों से जमीन और भवन सामग्री आपूर्ति से जुड़े दस्तावेज तलब किए थे, जो अब एजेंसी के पास पहुंच चुके हैं। जांच अब पड़ोसी जिलों तक फैल चुकी है।

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