बर्फीले देशों से हजारों किलोमीटर का सफर तय कर सुर्खाब पक्षी उत्तराखंड पहुंच चुके हैं। खास बात यह है कि ये पक्षी करीब 5000 किलोमीटर की लंबी उड़ान भरकर यहां आते हैं, लेकिन इतने लंबे सफर के बावजूद रास्ता नहीं भटकते।
दरअसल, सुर्खाब पक्षियों में दिशा पहचानने की अद्भुत क्षमता होती है। इन्हें पता होता है कि किस दिशा में जाना है और किस रास्ते से अपने ठिकाने तक पहुंचना है। मौसम में बदलाव के साथ ये पक्षी ठंडे इलाकों से निकलकर अनुकूल वातावरण की तलाश में लंबी दूरी तय करते हैं।
इनकी सबसे हैरान करने वाली बात है इनकी नेविगेशन क्षमता। सूर्य, तारों और धरती के चुंबकीय क्षेत्र जैसे प्राकृतिक संकेतों की मदद से ये अपनी दिशा पहचानने में सक्षम होते हैं।
उत्तराखंड में सुर्खाब पक्षियों का पहुंचना प्रकृति के इस अद्भुत करिश्मे को एक बार फिर दिखाता है। 5000 किलोमीटर की उड़ान और रास्ते की इतनी सटीक पहचान वाकई हैरान करने वाली है।







