Anti Paper Leak Law पर मोदी सरकार का बड़ा फैसला Anti Paper Leak Law को लेकर केंद्र सरकार एक ऐसा ऐतिहासिक और सख्त कदम उठाने जा रही है, जिससे देशभर के भू-माफियाओं और नकल माफियाओं की नींद उड़ना तय है। लगातार होते नीट (NEET) और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली के विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में एक बेहद कड़ा संशोधन विधेयक लाने की योजना बनाई गई है।
सार्वजनिक परीक्षा कानून 2024 में बड़ा बदलाव सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 में व्यापक संशोधन करने जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाना और पेपर लीक जैसी घटनाओं को जड़ से खत्म करना है। इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद जल्द ही संसद में पेश किया जाएगा।
फास्ट ट्रैक कोर्ट और कठोर सजा के प्रावधान नए संशोधनों के तहत मुकदमों की तुरंत सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए विशेष फास्ट ट्रैक अदालतों की स्थापना की जाएगी। इसके साथ ही दोषियों के लिए जेल की समयावधि और आर्थिक दंड दोनों को कई गुना बढ़ाने की पूरी तैयारी कर ली गई है।
कम से कम 10 साल की होगी सख्त जेल Anti Paper Leak Law के नए नियमों लागू होने के बाद, किसी भी परीक्षा में नकल कराने या पर्चा लीक करने वाले मुख्य आरोपियों के लिए न्यूनतम 10 साल की जेल का कड़ा प्रावधान होगा। संगठित गिरोहों और उनके नेटवर्क पर नकेल कसने के लिए यह फैसला सबसे कारगर साबित हो सकता है।
Anti Paper Leak Law के तहत जुर्माने के कड़े नियम
1 करोड़ रुपये या उससे अधिक का जुर्माना वर्तमान में लागू व्यवस्था की तुलना में नए संशोधन के तहत वित्तीय दंड की सीमा को बेहद सख्त बनाया गया है। धांधली में शामिल माफियाओं और सेवा प्रदाताओं पर कम से कम 1 करोड़ रुपये या उससे अधिक का भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
लापरवाह परीक्षा एजेंसियों पर भी होगी सख्त कार्रवाई परीक्षा आयोजित करने वाली जो एजेंसियां या थर्ड-पार्टी सर्विस प्रोवाइडर गड़बड़ी की सूचना समय पर नहीं देंगे, उनके खिलाफ भी कड़े वित्तीय और कानूनी कदम उठाए जाएंगे। सरकार का साफ संदेश है कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा।






