
Vande Mataram Bill पर मोदी सरकार का बड़ा फैसला Vande Mataram Bill को लेकर संसद के उच्च सदन राज्यसभा में भारी राजनीतिक घमासान देखने को मिला है। राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के समान कानूनी संरक्षण देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने आखिरकार संसद में एक ऐतिहासिक कदम उठा लिया है।
राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम में संशोधन केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक पेश किया। इसके तहत राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 की धारा 3 में संशोधन करके वंदे मातरम् को भी कानूनी सुरक्षा के दायरे में शामिल किया जाएगा।
विपक्ष के हंगामे के कारण कार्यवाही स्थगित विधेयक पेश होते ही विपक्षी दलों के सांसदों ने सदन में जोरदार नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। विपक्ष के भारी हंगामे और अशांति को देखते हुए राज्यसभा के सभापति को सदन की कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा।
अपमान करने पर 3 साल तक की सख्त जेल Vande Mataram Bill के पारित हो जाने के बाद, यदि कोई व्यक्ति राष्ट्रीय गीत के गायन में जानबूझकर बाधा डालता है या इसका अपमान करता है, तो उसे कानूनी अपराध माना जाएगा। दोषी पाए जाने पर 3 साल तक की कैद, भारी जुर्माना या दोनों का स्पष्ट प्रावधान रखा गया है।
Vande Mataram Bill के जरिए मिलेगा समान दर्जा
संवैधानिक सभा के संकल्प का हवाला सरकार द्वारा पेश विधेयक के वक्तव्य में 24 जनवरी 1950 की संविधान सभा की बैठक का हवाला दिया गया है। डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने कहा था कि बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा रचित वंदे मातरम् को राष्ट्रगान जन-गण-मन के समान ही आदर और दर्जा दिया जाएगा।
सरकारी कार्यक्रमों में गायन होगा अनिवार्य संशोधन विधेयक के साथ-साथ गृह मंत्रालय ने भी दिशा-निर्देश जारी किए हैं कि जिन आधिकारिक और सरकारी कार्यक्रमों में राष्ट्रगान गाया जाता है, वहां वंदे मातरम् को भी अनिवार्य रूप से गाया या बजाया जाए।






