लखनऊ : परिवहन निगम ने 30 जुलाई से शुरू हो रही कांवड़ यात्रा के लिए विशेष तैयारियां शुरू की हैं, जिसमें हरिद्वार सहित प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त बसें चलाई जाएंगी। बसों की गति पर सख्त निगरानी, चालकों का ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट और 24 घंटे कंट्रोल रूम सक्रिय रहेंगे ताकि श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो।श्रावण मास की कांवड़ यात्रा को देखते हुए परिवहन निगम ने रोडवेज बसों के सुरक्षित और सुचारु संचालन के लिए विशेष तैयारी शुरू कर दी है। हरिद्वार समेत प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त बसें चलाई जाएंगी, बसों की गति पर सख्त निगरानी रहेगी, चालकों का ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट होगा और यात्रियों की सुविधा के लिए 24 घंटे कंट्रोल रूम भी सक्रिय रहेंगे।अधिकारियों को स्पष्ट है कि 30 जुलाई से शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो और बसों का संचालन पूरी तरह सुरक्षित रहे। कांवड़ यात्रा की शुरुआत में बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार जाते हैं। इसे देखते हुए हरिद्वार मार्ग पर अतिरिक्त बसें चलाई जाएंगी। इसके अलावा लखनऊ, अयोध्या, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज जाने वाले मार्गों पर भी जरूरत के अनुसार अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की जाएगी।परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि 11 अगस्त को श्रावण शिवरात्रि का मुख्य पर्व है। इस दौरान आगरा, बरेली, मुरादाबाद, मेरठ, गाजियाबाद, अलीगढ़, सहारनपुर, गोरखपुर और वाराणसी के मार्गों पर कांवड़ यात्रियों की आवाजाही सबसे अधिक रहेगी।
कांवड़ यात्रा के दौरान रोडवेज बसों में तीर्थयात्रियों को असुविधाएं न हों, इसके लिए परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह की ओर से दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। वहीं अफसरों के अनुसार 300 से अधिक अतिरिक्त बसों का संचालन किया जाएगा।
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि 30 जुलाई से श्रावण मास की कांवड़ यात्रा शुरू हो रही है। मुख्य पर्व श्रावण शिवरात्रि 11 अगस्त को मनाई जाएगी। ऐसे में लखनऊ के अलावा आगरा, बरेली, मुरादाबाद, मेरठ, गाजियाबाद, अलीगढ़, सहारनपुर, गोरखपुर और वाराणसी जैसे प्रमुख मार्गों पर बसों की समुचित व्यवस्था और सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। कांवड़ यात्रा के प्रारंभ में हरिद्वार के लिए अधिक तीर्थ यात्री यात्रा करते हैं, इसलिए हरिद्वार मार्ग पर अतिरिक्त बसों की व्यवस्था होगी।






