
UP Panchayat Elections: यूपी में पंचायत चुनाव के मामले में हाईकोर्ट ने पंचायती राज विभाग को कोर्ट में तलब किया है. इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ आज, 10 जुलाई को इस फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर बेहद महत्वपूर्ण सुनवाई करने जा रही है.यह सुनवाई राज्य सरकार के उस फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर होगी, जिसमें ग्राम प्रधानों को प्रशासक नियुक्त किए जाने का प्रावधान किया गया है.पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार (State Government) के इस प्रशासनिक आदेश पर कड़ा रुख अपनाया था. कोर्ट ने सरकार को इस नीतिगत फैसले को लेकर अपना विस्तृत जवाब पेश करने का साफ आदेश दिया था. याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि निर्वाचित प्रतिनिधियों के स्थान पर प्रशासकों को कमान सौंपना लोकतांत्रिक व्यवस्था और पंचायती राज अधिनियम की मूल भावना के विपरीत है.मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने पंचायती राज विभाग को तलब किया है. अदालत इस बात पर विचार करेगी कि ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद ग्राम प्रधानों को प्रशासक नियुक्त करने का फैसला कानूनी रूप से कितना उचित है.मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की है. अदालत ने पंचायतीराज विभाग के अपर मुख्य सचिव (ACS) को आज, 10 जुलाई को होने वाली सुनवाई में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से व्यक्तिगत रूप से कोर्ट के समक्ष पेश होने का सख्त निर्देश दिया है. अपर मुख्य सचिव को सरकार का पक्ष रखते हुए कोर्ट के सवालों और याचिका में उठाए गए बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट करनी होगी. आज होने वाली इस सुनवाई पर प्रदेश भर के मौजूदा व पूर्व ग्राम प्रधानों और ग्रामीण सियासत से जुड़े लोगों की निगाहें टिकी हुई हैं.





