UP Aviation Master Plan को लेकर राज्य सरकार ने एक ऐसा चौंकाने वाला और बड़ा फैसला लिया है जिसने देश के बड़े-बड़े एविएशन एक्सपर्ट्स को भी हैरान कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई हाई-लेवल मीटिंग में यूपी के हवाई रूट मैप को पूरी तरह बदलने की मंजूरी दी गई है। इस नए और सीक्रेट ब्लूप्रिंट के सामने आते ही सिविल एविएशन सेक्टर से जुड़ी बड़ी कंपनियों में भारी हलचल मच गई है।
रातों-रात बदला सिक्योरिटी ग्रिड हवाई अड्डों की सुरक्षा व्यवस्था और UP Aviation Master Plan को अचूक बनाने के लिए राज्य सरकार ने कड़े अंतरराष्ट्रीय मानकों वाले नए सर्विलांस सिस्टम को तुरंत लागू करने का फैसला किया है। सभी छोटे और बड़े एयरपोर्ट्स पर यात्रियों की सुरक्षा और ग्राउंड ऑपरेशन्स को लेकर कप्तानों को सख्त हिदायत दी गई है कि किसी भी स्तर पर कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
टूरिज्म सर्किट पर मेगा फोकस इस नए एक्शन प्लान के तहत UP Aviation Master Plan को सीधे राज्य के प्रमुख रिलिजियस और हिस्टोरिकल टूरिज्म स्पॉट्स से जोड़कर एक अभेद्य कनेक्टिविटी नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। सरकार का यह कदम विदेशी सैलानियों को सीधे यूपी के दिल तक पहुँचाने का काम करेगा, जिससे लोकल इकोनॉमी और टूरिज्म सेक्टर में अचानक भारी उछाल आने की उम्मीद है।
अधिकारियों की ऑन-ग्राउंड अकाउंटेबिलिटी कमिश्नर और स्थानीय प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि नए फ्लाइट रूट्स और निर्माणाधीन रनवे के काम की प्रोग्रेस रिपोर्ट वे खुद हर हफ्ते ग्राउंड जीरो पर जाकर चेक करेंगे। किसी भी तरह की डेडलाइन मिस होने पर संबंधित विभाग के बड़े अफसरों पर सीधे सख्त डिपार्टमेंटल एक्शन की तलवार लटक रही है।
ग्लोबल हब बनने की तैयारी इस पूरे मेगा प्रोजेक्ट का अंतिम और सबसे बड़ा मकसद उत्तर प्रदेश को देश का सबसे बड़ा घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय एविएशन हब बनाना है। इस चौकाने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के पूरा होते ही यूपी का हर नागरिक बेहद कम बजट में सीधे दुनिया के किसी भी इंटरनेशनल डेस्टिनेशन के लिए उड़ान भर सकेगा।







