सामाजिक दंश और खौफ को दी करारी शिकस्त Moradabad Rape Survivors Success की इस दिल दहला देने वाली और प्रेरणादायक कहानी ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। मुरादाबाद की पांच बेटियों ने जिंदगी के सबसे दर्दनाक आघात और सामाजिक तिरस्कार के अंधेरे को पछाड़कर सफलता का ऐसा उजाला बिखेरा है जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। इनमें से एक बेटी आज विदेश में डॉक्टर की पढ़ाई कर रही है तो वहीं चार अन्य सरकारी विद्यालयों में शिक्षिका बनकर दूसरों का भविष्य संवार रही हैं।
जॉर्जिया में डॉक्टर बन रही पाकबड़ा की बेटी Moradabad Rape Survivors Success का सबसे अनोखा उदाहरण अप्रैल 2019 में पाकबड़ा की एक किशोरी के साथ घटी खौफनाक घटना के बाद सामने आया। आरोपी की धमकियों और मानसिक सदमे से टूटने के बजाय मिशन शक्ति केंद्र की काउंसलिंग और परिवार के अटूट भरोसे से उसने खुद को संभाला। उसने नीट (NEET) की परीक्षा पास की और विश्व स्वास्थ्य संगठन से मान्यता प्राप्त जॉर्जिया के मेडिकल कॉलेज में दाखिला लिया, जहां से अगले साल एमबीबीएस पूरा कर वह भारत लौट रही है।
मूंढापांडे और बिलारी की बेटियों ने हासिल की सरकारी नौकरी Moradabad Rape Survivors Success की यह यात्रा मूंढापांडे और बिलारी की बेटियों के संघर्ष को भी बयां करती है। प्रेम का झांसा देकर और घर में अकेला पाकर दुष्कर्म का शिकार हुई इन बेटियों ने एक समय खुद को कमरों में कैद कर लिया था। लेकिन नियमित मनोवैज्ञानिक परामर्श के बल पर उन्होंने अपनी पढ़ाई फिर से शुरू की और वर्ष 2022 में सरकारी शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण कर विद्यालयों में शिक्षिका के पद पर तैनात हुईं।
अदालत में बेखौफ होकर मांग रहीं न्याय Moradabad Rape Survivors Success का सबसे बड़ा पहलू यह है कि कभी खामोश रहने वाली ये बेटियां अब कोर्ट में बेखौफ होकर अपने गुनाहगारों के खिलाफ गवाही दे रही हैं। सभी मामलों के आरोपी इस समय जेल की सलाखों के पीछे बंद हैं और जॉर्जिया में पढ़ाई कर रही छात्रा भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई में हिस्सा लेती है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल और मनोविज्ञानी डॉ. रीना तोमर के अनुसार संवाद और सही परामर्श ने इन बेटियों को समाज की मिसाल बना दिया है।






