Ayodhya Sawan Mela Government Funds का रास्ता साफ हो गया है और इस बार रामनगरी में सावन झूला मेले के दौरान भगवान रामलला को कजरी व पारंपरिक लोकगीतों से रिझाने वाले कलाकारों पर उत्तर प्रदेश सरकार दिल खोलकर बजट खर्च करने जा रही है। संस्कृति विभाग ने इस आयोजन को ऐतिहासिक और भक्तिमय बनाने के लिए प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति दे दी है।
लाखों रुपये के विशेष बजट के तहत शासन ने कुल ₹13,62,100 की धनराशि स्वीकृत की है, जिसमें से ₹7.12 लाख सीधे कलाकारों के मानदेय और यात्रा व्यय के लिए निर्धारित किए गए हैं। 20 और 21 अगस्त को आयोजित होने वाले इन कार्यक्रमों में पद्मश्री से सम्मानित कलाकारों से लेकर टॉप और बी-श्रेणी के प्रसिद्ध कजरी गायक अपनी प्रस्तुतियां देंगे।
अयोध्या समेत कई जिलों के दिग्गज कलाकार इस भव्य सांस्कृतिक मंच का हिस्सा बनेंगे, जिनमें वाराणसी, मिर्जापुर, गोरखपुर, बाराबंकी और रायबरेली के लोकगायक शामिल हैं। मंच व्यवस्था, टेंट, ध्वनि, प्रकाश और भोजन जैसी अन्य तैयारियों के लिए भी ₹6.50 लाख का अलग से बजट आवंटित किया गया है।
लोक संस्कृति और भक्ति का अनूठा संगम प्रस्तुत करने के लिए सरकार का यह कदम न केवल रामलला के झूलनोत्सव में चार चांद लगाएगा, बल्कि राज्य की समृद्ध पारंपरिक कजरी कला को जीवित रखने और लोक कलाकारों को बड़ा मंच देने में भी मील का पत्थर साबित होगा।







