गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व इस वर्ष 29 जुलाई को मनाया जा रहा है. इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं. मुख्यमंत्री ने एक विशेष पाती के माध्यम से समाज को गुरु के महत्व, सनातन परंपराओं और शिक्षकों के सम्मान के प्रति जागरूक किया है.सीएम योगी ने बताया कि गुरु पूर्णिमा केवल एक त्योहार नहीं है, बल्कि यह गुरुओं के प्रति अपनी श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता प्रकट करने का पवित्र दिन है.मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में स्पष्ट किया कि गुरु पूर्णिमा का यह पावन पर्व महान ऋषि महर्षि वेदव्यास की स्मृति में मनाया जाता है. महर्षि वेदव्यास ने ही मानव जाति को वेदों का ज्ञान दिया था. हमारी सनातन संस्कृति की यह अमूल्य धरोहर ‘गुरु-शिष्य परंपरा’ सदियों से चली आ रही है. प्राचीन काल में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम ने गुरु वशिष्ठ से और भगवान श्रीकृष्ण ने गुरु सांदीपनि से ज्ञान प्राप्त किया था. यह इस बात का प्रमाण है कि जीवन में सफलता और उच्च आदर्शों के लिए गुरु का होना कितना आवश्यक है.
भारतीय मनीषा एवं सनातन संस्कृति में गुरु को साक्षात् परम ब्रह्म माना गया है। गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व हम सबके लिए गुरुजनों के प्रति श्रद्धा, कृतज्ञता और सम्मान प्रकट करने का अवसर है।
वास्तव में, गुरु शिक्षा ही नहीं देते, जीवन को दिशा भी देते हैं। गुरु स्वयं ज्ञान का आलोक हैं, जो शिष्य को अज्ञानरूपी तम से निकालकर सत्य, संस्कार और प्रकाश के पथ पर अग्रसर करते हैं।
मेरा आप सबसे विशेष आग्रह है कि अपने गुरुजनों का सदैव स्मरण रखें। उनके दिए आदर्शों को जीवन में उतारें। इससे आपका विकास सुनिश्चित होगा तथा विकसित प्रदेश का मार्ग भी तभी प्रशस्त होगा।





