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Rahul Gandhi vs ECI: राहुल का ‘एटम बम’ हुआ डिफ्यूज, चुनाव आयोग ने मांगा शपथपत्र

राहुल गांधी ने लगाए चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप

Rahul Gandhi vs ECI विवाद ने एक बार फिर भारतीय राजनीति में हलचल मचा दी है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर कर्नाटक और महाराष्ट्र में वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि एक ही मतदाता का नाम कई बार लिस्ट में है और कई लोगों के पते भी गलत दर्ज हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल ने दावा किया था कि यह उनका ‘एटम बम’ है।


ECI का करारा जवाब—अब तक क्यों नहीं की शिकायत?

चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि जनवरी 2025 में कर्नाटक की अंतिम वोटर लिस्ट सभी दलों को दे दी गई थी, फिर अब तक कोई आपत्ति क्यों नहीं दर्ज कराई गई? आयोग ने कांग्रेस को याद दिलाया कि प्रारूप सूची नवंबर 2024 में और अंतिम सूची जनवरी 2025 में दी जा चुकी थी।


आयोग ने राहुल से मांगा शपथपत्र, कांग्रेस ने मना किया

चुनाव आयोग ने राहुल गांधी से शपथपत्र में शिकायत देने को कहा है। आयोग ने स्पष्ट किया कि अगर उनके पास ठोस प्रमाण हैं, तो वह कानूनन शपथ लेकर शिकायत दर्ज करें। साथ ही चेताया कि गलतबयानी भारतीय न्याय संहिता की धारा 227 के तहत दंडनीय है। लेकिन कांग्रेस पार्टी ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया और शपथपत्र देने से इनकार कर दिया है।


बिहार में भी विपक्ष खामोश, अब तक एक भी आपत्ति नहीं

चुनाव आयोग ने यह भी बताया कि बिहार में चल रहे विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) के तहत ड्राफ्ट मतदाता सूची में 65 लाख नाम हटाए गए हैं, जो या तो मृत हैं या स्थानांतरित हो चुके हैं। बावजूद इसके, किसी भी विपक्षी दल ने अब तक कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई है।


राहुल के आरोपों पर नैरेटिव वॉर, लेकिन कानूनी लड़ाई कमजोर?

पिछले कुछ वर्षों से Rahul Gandhi vs ECI के बीच वाद-विवाद चलता रहा है। राहुल गांधी बार-बार चुनाव आयोग पर पारदर्शिता की कमी और भाजपा के पक्ष में झुकाव के आरोप लगाते हैं। लेकिन आयोग का कहना है कि राहुल गांधी ने आज तक कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई, न ही कानूनी प्रक्रिया का पालन किया।

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