मास्टर प्लान की शुरुआत Noida Airport BJP electoral weapon के रूप में उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव 2027 का पूरा समीकरण पलटने के लिए पूरी तरह तैयार हो चुका है। जेवर की धरती पर बना यह विशालकाय हवाई अड्डा अब सिर्फ एक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक गलियारों में विपक्ष को पस्त करने का सबसे बड़ा जरिया बन गया है। सोमवार से शुरू हुई घरेलू उड़ानों ने इस बात पर मुहर लगा दी है कि डबल इंजन सरकार इस मेगा प्रोजेक्ट को अपनी सबसे बड़ी कामयाबी के रूप में पेश करने जा रही है।
हर चुनावी मंच की गूंज चुनावी रैलियों का सबसे बड़ा चेहरा साल 2014 के लोकसभा चुनाव से लेकर 2024 के आम चुनाव तक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हर मंच से इस प्रोजेक्ट की ताकत को दोहराया है। शिलान्यास से लेकर निर्माण के आखिरी चरण तक, भाजपा ने जनता के सामने इसे विकास की एक बेमिसाल मिसाइल की तरह पेश किया है। अब 2027 के महामुकाबले के लिए रनवे पूरी तरह तैयार है, जहां से भाजपा अपनी जीत की उड़ान भरने की रणनीति बना रही है।
विपक्ष के चक्रव्यूह का तोड़ विपक्षी हमलों पर करारा पलटवार समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और बसपा लगातार किसानों के मुआवजे, महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दों पर योगी सरकार को घेरने की कोशिश में जुटी हैं। ऐसे में भाजपा ने Noida Airport BJP electoral weapon को आगे कर ग्लोबल कनेक्टिविटी का ऐसा रक्षा कवच तैयार किया है जिसका तोड़ ढूंढना विपक्ष के लिए बेहद मुश्किल हो चुका है। 2017 से पहले ‘बीमारू राज्य’ कहे जाने वाले उत्तर प्रदेश को ‘ब्रांड यूपी’ में बदलने का यह सबसे चमकदार चेहरा बन गया है।
रोजगार का नया चक्रव्यूह लाखों नौकरियों की गारंटी का दावा इस प्रोजेक्ट के पहले फेज से ही सालाना 1.2 करोड़ यात्री सफर करेंगे, जो चार फेज पूरे होने पर 7 करोड़ तक पहुंच जाएगा। इसके आसपास बनने वाले लॉजिस्टिक हब, मेडिकल डिवाइस पार्क, फिल्म सिटी और टॉय पार्क से लाखों युवाओं को रोजगार मिलने का मजबूत दावा किया जा रहा है। भाजपा का आईटी सेल अभी से इसके ड्रोन शॉट्स और हाई-टेक सुविधाओं के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर युवाओं को साधने में जुट गया है।








