घने अंधेरे में गूंजी उम्मीद की आवाज
Nepal Trishuli Hydropower Tunnel Rescue अभियान के नौवें दिन एक ऐसा कुदरती चमत्कार देखने को मिला, जिसने पूरी दुनिया को हैरत में डाल दिया है। फ्लैश फ्लड के बाद 170 मीटर गहरी अंधेरी सुरंग में फंसे दो मजदूरों को रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया है।
संजय शाह और कबीर महर्जन का सुरक्षित बचाव
नेपाल सेना और पुलिस बल के संयुक्त तलाशी अभियान के दौरान अपर त्रिशूली 3A जलविद्युत परियोजना की सुरंग से मैकेनिकल फोरमैन संजय शाह और सुपरवाइजर कबीर महर्जन को निकाला गया। दोनों मजदूर करीब 216 घंटे तक बिना धूप और सीमित सांसों के बीच जिंदगी की जंग लड़ते रहे।
ड्रिलिंग और मलबे के बीच से निकले जीवित
सुरंग के मुहाने पर जमा भारी पत्थरों और कीचड़ को हटाने के लिए भारी मशीनों से ड्रिलिंग और ब्लास्टिंग की जा रही थी। जैसे ही रेस्क्यू टीम सुरंग के अंदर पहुंची, वहां से जवाब आया, जिसके बाद जवानों ने बिना गवांए कंधों पर उठाकर दोनों मजदूरों को बाहर निकाला।
मंत्रों के जाप से साधी जिंदगी की सांसें
सुरंग से बाहर आते ही संजय शाह ने बताया कि कंट्रोल रूम में पानी भरते ही वे असहाय हो गए थे। खुद को शांत रखने और हौसला बनाए रखने के लिए वे लगातार मंत्रों का जाप करते रहे और पास मौजूद साथियों से चिल्लाकर एक-दूसरे का हौसला बढ़ाते रहे।
सैकड़ों लापता मजदूरों की जगी नई आस
इस चमत्कारिक बचाव के बाद Nepal Trishuli Hydropower Tunnel Rescue में जुटी टीमों को सुरंग के अंदर फंसे अन्य 40 से अधिक मजदूरों के जीवित होने की नई किरण दिखाई दी है। दोनों बचाए गए कर्मियों को इलाज के लिए काठमांडू के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।







