कर्तव्य पथ पर सादगी और अनुशासन का संदेश
Jitendra Mishra Ram Mandir CEO बनने के बाद अपनी उत्कृष्ट प्रशासनिक दक्षता और कर्तव्यनिष्ठा को लेकर चर्चा के केंद्र में हैं। देवरिया जिले के छोटे से गांव भोपतपुरा से ताल्लुक रखने वाले पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र ने जीवन भर व्यक्तिगत प्राथमिकताओं से ऊपर हमेशा अपने दायित्वों को रखा है।
वायुसेना के 39 वर्षों का अनुभव
भारतीय वायुसेना में चार दशक तक फाइटर पायलट के रूप में सेवाएं देने वाले जितेंद्र मिश्र ने कठिन से कठिन परिस्थितियों में अपनी नेतृत्व क्षमता का लोहा मनवाया है। ऑपरेशन सिंदूर से लेकर कई महत्वपूर्ण सैन्य अभियानों तक, उनका पूरा जीवन देश सुरक्षा और अनुशासित सेवा का प्रतीक रहा है।
पारिवारिक प्राथमिकताओं से परे देश सेवा
सैन्य जीवन और उच्च पद पर रहने के बावजूद उन्होंने सदैव पारिवारिक और व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर अपनी जिम्मेदारी को वरीयता दी। गांव और परिवार से गहरा जुड़ाव होने के बाद भी उन्होंने अपने हर कार्य में पारदर्शिता, गोपनीयता और सादगी की मिसाल कायम की है।
राम मंदिर की साख और व्यवस्था की चुनौती
अब अयोध्या में मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में उनके सामने मंदिर प्रबंधन को पारदर्शी बनाने और लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित करने का बड़ा दायित्व है। चढ़ावा प्रबंधन और प्रशासनिक अनुशासन स्थापित करना उनकी प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर रहेगा।
पैतृक गांव भोपतपुरा में उत्सव का माहौल
देवरिया में उनके पैतृक आवास पर ग्रामीणों ने हवन-पूजन और मिठाइयां बांटकर इस ऐतिहासिक नियुक्ति का जश्न मनाया। Jitendra Mishra Ram Mandir CEO की इस नई पारी को लेकर न केवल उनका परिवार बल्कि पूरा क्षेत्र खुद को बेहद गौरवान्वित महसूस कर रहा है।







