Mines Bill 2026 के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने देश की राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को एक महत्वपूर्ण पत्र लिखा है। उन्होंने इस विधेयक को राज्य के अधिकारों पर कुठाराघात बताया है।
हजारों करोड़ के राजस्व का नुकसान
Mines Bill 2026 लागू होने से राज्य को टैक्स लगाने का अधिकार छीन जाएगा। इससे झारखंड को हर साल हजारों करोड़ रुपये के राजस्व का सीधा नुकसान होगा, जिससे कल्याणकारी योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला
Mines Bill 2026 का विरोध करते हुए सीएम ने नौ जजों की संविधान पीठ के हालिया फैसले का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सातवीं अनुसूची के तहत राज्यों को खनिज युक्त भूमि पर कर लगाने का स्पष्ट संवैधानिक अधिकार प्राप्त है।
राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी
Mines Bill 2026 को वापस न लेने की स्थिति में झारखंड मुक्ति मोर्चा ने पूरे राज्य में उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी है। हेमंत सोरेन का कहना है कि राज्य अपने संवैधानिक अधिकारों से कोई समझौता नहीं करेगा।





