Govind Giri Under SIT Scanner के आने से अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एक ऐसा सनसनीखेज मोड़ आ चुका है जिसने पूरे प्रशासनिक महकमे को हिला कर रख दिया है। विशेष जांच दल यानी एसआईटी की पैनी नजर अब सीधे राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वित्तीय प्रबंधन पर टिक गई है।
एसआईटी पहुंची वैदेही भवन की चौखट तक जांच एजेंसी की विशेष टीम अयोध्या के उस प्रसिद्ध वैदेही भवन तक जा पहुंची है जहां कोषाध्यक्ष अपने प्रवास के दौरान रुकते हैं। अधिकारियों ने वहां मौजूद महंतों और सेवादारों से उनकी हर एक गतिविधि और मिलने आने वाले लोगों का पूरा ब्योरा खंगाला है।
वित्तीय और प्रशासनिक भूमिका की गहन पड़ताल इस हाई-प्रोफाइल मामले में Govind Giri Under SIT Scanner होने का मुख्य कारण ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष के रूप में उनकी प्रशासनिक और वित्तीय जिम्मेदारियां हैं। सूत्रों के मुताबिक एसआईटी यह सुनिश्चित करना चाहती है कि इस बड़े घोटाले में कहीं कोई प्रशासनिक लापरवाही तो नहीं हुई।
आरोपियों की रिमांड और पुलिस की नई कार्रवाई बुधवार को पुलिस रिमांड पर लिए गए आरोपी रमाशंकर मिश्र और सुभाष श्रीवास्तव ने पूछताछ में कई चौंकाने वाले राज उगले हैं। पुलिस रमाशंकर को मीरापुर डेराबीबी स्थित उसके आवास पर भी लेकर गई जहां कुछ गुप्त साक्ष्य और नकदी बरामद होने की बात सामने आ रही है।
ताऊ और भतीजे से खुलेंगे बड़े राज इस मामले में अब तक आठ आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है जिनमें से छह की रिमांड पूरी हो चुकी है। अब पुलिस मुख्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और उसके भतीजे मनीष यादव को कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी में है जो इस केस का रुख बदल सकती है।
6 जून से जारी है जांच का सिलसिला राम मंदिर परिसर से चढ़ावा चोरी होने का यह गंभीर मामला 6 जून को प्रकाश में आया था जिसके तुरंत बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने एसआईटी का गठन किया था। इस मामले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और अनिल मिश्रा पहले ही अपने पदों से इस्तीफा दे चुके हैं।
बढ़ती जा रही है आरोपियों की मुश्किलें जैसे-जैसे Govind Giri Under SIT Scanner की कार्रवाई आगे बढ़ रही है वैसे-वैसे इस चोरी से जुड़े अन्य संदिग्धों के चेहरे भी सामने आ रहे हैं। न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी आठों आरोपियों की न्यायिक अभिरक्षा को 27 तारीख तक के लिए बढ़ा दिया है।






