CJP Parliament March के कारण देश की राजधानी दिल्ली में इस वक्त जबरदस्त तनाव का माहौल बना हुआ है। सोमवार 20 जुलाई 2026 को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित इस ‘चलो संसद’ मार्च को लेकर दिल्ली पुलिस पूरी तरह हाई अलर्ट पर आ चुकी है।
सुरक्षा का अभूतपूर्व सुरक्षा चक्र दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जंतर-मंतर पर 5000 से अधिक जवानों को तैनात कर दिया है। पूरे नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 (निषेधाज्ञा) लागू कर दी गई है, जिसके तहत 5 या उससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर पूरी तरह पाबंदी है।
जैमर और मल्टी-लेयर बैरिकेडिंग जंतर-मंतर पर इंटरनेट सेवाओं को ठप करने के लिए सैकड़ों की संख्या में इलेक्ट्रॉनिक जैमर लगा दिए गए हैं। किसी भी आंदोलन को रोकने के लिए पुलिस द्वारा इतनी बड़ी संख्या में जैमर लगाने का यह पहला मामला सामने आया है। इसके साथ ही प्रदर्शन स्थल के दोनों प्रवेश द्वारों पर मल्टी-लेयर बैरिकेडिंग की गई है और फ्रिस्किंग के बाद ही प्रवेश मिल रहा है।
वांगचुक के बाद बढ़ा गुस्सा शनिवार को अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक का स्वास्थ्य बिगड़ने के कारण पुलिस ने उन्हें जबरन सफदरजंग अस्पताल शिफ्ट कर दिया था। इस घटना के बाद प्रदर्शनकारियों का गुस्सा भड़क उठा और उत्तर प्रदेश, राजस्थान सहित विभिन्न राज्यों से 12 हजार से अधिक लोगों की भीड़ जंतर-मंतर से संसद मार्ग थाने तक जमा हो गई। भीड़ ने तीन जगह पुलिस बैरिकेडिंग को गिरा दिया है और दो कारों को भी क्षतिग्रस्त किया है।
बॉर्डर पर भारी ट्रैफिक जाम CJP Parliament March को देखते हुए दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर और नोएडा-दिल्ली रूट पर पुलिस ने सघन चेकिंग अभियान चलाया है। इस कड़ी सुरक्षा जांच के कारण डीएनडी फ्लाईवे पर वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गई हैं और दिल्ली जाने वाले लोग घंटों से जाम में फंसे हैं।
लाठीचार्ज की अफवाहों का खंडन जंतर-मंतर पर तनाव के बीच सोशल मीडिया पर प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज की खबरें तैरने लगीं। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने आधिकारिक बयान जारी कर लाठीचार्ज की बात से साफ इनकार किया है और कहा है कि स्थिति को पेशेवर तरीके से संभाला जा रहा है, लोग किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें।







