
Anthropic AI Lawsuit ने टेक इंडस्ट्री में मचाया हड़कंप Anthropic AI Lawsuit ने टेक और लिटरेचर की दुनिया में एक बड़ा तूफान खड़ा कर दिया है, जिससे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की पूरी इंडस्ट्री के होश उड़ गए हैं। दिग्गजों द्वारा बनाए गए ‘Claude’ AI मॉडल को प्रशिक्षित करने के फेर में अब कंपनी को भारी-भरकम कीमत चुकानी पड़ रही है।
बिना अनुमति इस्तेमाल की गईं हजारों किताबें आरोप है कि एंथ्रोपिक ने अपने AI चैटबॉट को ट्रेन करने के लिए बिना अनुमति और खरीदारी के हजारों कॉपीराइट किताबों का इस्तेमाल किया। इसमें विश्वप्रसिद्ध ‘हैरी पॉटर’ सीरीज़ की किताबें छापने वाले पब्लिशर ब्लूम्सबरी (Bloomsbury) की सामग्री भी शामिल थी।
इतिहास का सबसे बड़ा कॉपीराइट समझौता लेखकों और प्रकाशकों द्वारा ठोंके गए मुकदमे के बाद यह अमेरिकी इतिहास में कॉपीराइट का अब तक का सबसे बड़ा समझौता माना जा रहा है। अमेरिकी अदालत द्वारा की गई पहचान के अनुसार, इस समझौते के दायरे में कुल 14,087 पुस्तकें आ रही हैं।
हर पुस्तक पर मिलेगा भारी मुआवजा Anthropic AI Lawsuit के तहत तय किए गए प्रस्ताव के मुताबिक, प्रभावित प्रति पुस्तक लगभग 3,000 डॉलर का मुआवजा दिया जाएगा। यह कुल राशि लगभग 19 मिलियन डॉलर (करीब 160 करोड़ रुपये) बैठती है, जिसे संबंधित लेखकों और प्रकाशकों के बीच बांटा जाएगा।
Anthropic AI Lawsuit का AI इंडस्ट्री पर प्रभाव
गलती माने बिना निपटाया गया कानूनी मामला इस ऐतिहासिक समझौते के तहत एंथ्रोपिक को आधिकारिक तौर पर अपनी गलती स्वीकार करने की आवश्यकता नहीं पड़ी है। हालांकि, बिना इजाजत कॉपीराइट सामग्री का उपयोग करने वाली AI कंपनियों के लिए यह अब तक का सबसे सख्त वित्तीय सबक माना जा रहा है।
फेयर यूज़ का तर्क और लाइसेंसिंग समझौते Anthropic AI Lawsuit के दौरान कंपनी ने तर्क दिया कि AI ट्रेनिंग के लिए सार्वजनिक सामग्री का उपयोग ‘फेयर यूज़’ सिद्धांत के तहत आता है। परंतु, बढ़ते कानूनी शिकंजे को देखते हुए अब AI कंपनियां मीडिया और पब्लिशिंग हाउसों के साथ आधिकारिक लाइसेंसिंग डील करने पर मजबूर हो रही हैं।







