Jharkhand Student Protest की आग अब केवल रांची की सड़कों तक सीमित नहीं रहने वाली है, बल्कि यह पूरा मामला देशव्यापी राजनीतिक संग्राम का रूप ले चुका है। प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी और कथित नौकरी बेचने के आरोपों को लेकर शुरू हुआ छात्रों का यह आंदोलन अब दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु तक गूंजने वाला है।
संसद परिसर में गूंजा छात्रों का दर्द: संसद के बाहर लगातार दो दिनों से एनडीए सांसदों ने पोस्टर और बैनरों के साथ जोरदार प्रदर्शन किया है। भाजपा का सीधा आरोप है कि रांची में अपनी मांगों के लिए विधानसभा घेराव करने पहुंचे निर्दोष छात्रों पर हुआ बर्बर पुलिस लाठीचार्ज वास्तव में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के इशारे पर हुआ था।
Jharkhand Student Protest पर राहुल गांधी को घेरने की रणनीति: एनडीए के नेताओं का मानना है कि जहां राहुल गांधी जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक मामले को लेकर आक्रामक रुख अपना रहे हैं, वहीं झारखंड में छात्रों के दमन पर मौन साधे हुए हैं। बीजेपी अब कांग्रेस नेता के इस दोहरे रवैये को पूरे देश में जनता के सामने उजागर करने की योजना बना चुकी है।
झारखंड से लेकर मेट्रो शहरों तक बड़ा अभियान: झारखंड बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने स्पष्ट किया है कि संसद का सत्र समाप्त होते ही राज्य के प्रमुख भाजपा नेता दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों का रुख करेंगे। वहां वे प्रेस कॉन्फ्रेंस और सम्मेलनों के जरिए छात्रों पर हुए अत्याचार का पूरा सच जनता के सामने लाएंगे।
झामुमो से कांग्रेस पर शिफ्ट हुआ सीधा निशाना: राजनीति के जानकारों के अनुसार, बीजेपी ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। पार्टी अब सत्ताधारी दल झामुमो (JMM) की जगह सीधे कांग्रेस को कटघरे में खड़ा कर रही है, क्योंकि बोकारो, कांके, लोहरदगा और धनबाद जैसी शहरी सीटों पर बीजेपी की सीधी टक्कर कांग्रेस से ही है।






