शेयर ट्रेडिंग में ठगी का एक बेहद हैरान कर देने वाला मामला उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से सामने आया है। देहरादून के बसंत विहार इलाके में रहने वाले बुजुर्ग विष्णु दत्त बख्शी के साथ भरोसे का ऐसा खेल खेला गया कि उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।
शातिर महिला की एंट्री: पीड़ित बुजुर्ग विष्णु दत्त बख्शी का डिमैट अकाउंट आनंद राठी शेयर ब्रोकर फर्म में था, जहाँ आरोपी महिला मेघना चौधरी कार्यरत थी। बिजनेस के सिलसिले में घर आते-जाते मेघना ने पीड़ित की पत्नी से गहरी नजदीकी बढ़ा ली।
गाजियाबाद से आया परिवार: विश्वास कायम करने के बाद मेघना गाजियाबाद से अपने पिता ज्ञानेंद्र कुमार और मां विनीता चौधरी को भी देहरादून ले आई। शेयर ट्रेडिंग में ठगी की इस पटकथा में आरोपी परिवार ने बुजुर्ग दंपत्ति को भारी मुनाफा कमाने का लालच दिया।
शुरुआती मुनाफे का जाल: आरोपियों के झांसे में आकर पीड़ित ने पहले 10 लाख रुपये निवेश किए, जिस पर आरोपियों ने तीन महीने तक समय पर रिटर्न देकर पूरा भरोसा जीत लिया। इसके बाद पीड़ित ने अपनी जीवन भर की कमाई की विभिन्न किश्तों में कुल 61 लाख रुपये जमा कर दिए।
करोड़ों की चपत का खुलासा: जब पीड़ित विष्णु दत्त ने अपनी मूल रकम और मुनाफा वापस मांगा, तो आरोपियों के तेवर बदल गए और उन्होंने पैसे लौटाने से साफ मना कर दिया। शेयर ट्रेडिंग में ठगी का अहसास होते ही पीड़ित ने मामले की शिकायत एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल से की।
पुलिस की कड़ी कार्रवाई: एसएसपी के आदेश पर बसंत विहार थाना पुलिस ने आरोपी पिता, मां और बेटी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी शैंकी कुमार ने बताया कि शेयर ट्रेडिंग में ठगी के इस संगीन मामले की जांच की जा रही है और जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी होगी।







