Shamli Girl Aadhaar Gender Error के एक दर्दनाक मामले ने 18 साल की होनहार बेटी और उसके पिता का जीवन पिछले तीन सालों से पूरी तरह तबाह करके रख दिया है।

आधार ऑपरेटर की एक भयावह गलती शामली के एक गांव की रहने वाली पीड़िता ने 17 जुलाई 2023 को अपनी जन्मतिथि ठीक कराने के लिए आवेदन किया था। जन्मतिथि तो सही हो गई, लेकिन लापरवाही के चलते कागजों में ‘महिला’ की जगह ‘किन्नर’ दर्ज कर दिया गया।

Shamli Girl Aadhaar Gender Error की वजह से शिक्षा पर ब्रेक युवती ने वर्ष 2024 में यूपी बोर्ड से हाईस्कूल और वर्ष 2026 में इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की है। अब वह बीकॉम प्रथम वर्ष में दाखिला लेना चाहती है, लेकिन पहचान पत्र में जेंडर गलत होने से उसका एडमिशन अटक गया है।

तीन साल की सीमा खत्म होने की दलील जब परिवार को इस ब्लंडर का अहसास हुआ तो वे सुधार कराने पहुंचे, मगर सिस्टम ने एक बार जेंडर बदलने की सीमा खत्म होने का हवाला देकर हाथ खड़े कर दिए। Shamli Girl Aadhaar Gender Error की वजह से पीड़ित परिवार दिल्ली से लेकर जिला दफ्तरों तक चक्कर काट रहा है।

अधिकारियों ने साधी चुप्पी गुरुवार को पिता-पुत्री मदद की गुहार लेकर सीएमओ कार्यालय पहुंचे, लेकिन सीएमओ डॉ. पीके सक्सेना ने इसे आधार केंद्र की गड़बड़ी बताकर किसी भी तरह के सीधे हस्तक्षेप से पल्ला झाड़ लिया।

पहचान और भविष्य की जंग Shamli Girl Aadhaar Gender Error केवल एक तकनीकी खामी नहीं, बल्कि एक लड़की की गरिमा और उसके करियर पर सीधा हमला बन चुकी है, जिसके समाधान का अब भी इंतजार है।

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