Noida Airports Slow Start Geopolitical Tensions के बीच जेवर एयरपोर्ट के विस्तार की गति प्रभावित हुई है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के डेवलपर ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल ने वित्तीय वर्ष 2026 की पहली छमाही रिपोर्ट में स्वीकार किया है कि वैश्विक तनाव के कारण शुरुआती चरण की ग्रोथ उम्मीद से धीमी रही है।
28.3 करोड़ रुपये का वित्तीय घाटा दर्ज रिपोर्ट के मुताबिक एयरपोर्ट को 2.5 मिलियन स्विस फ्रैंक (लगभग 24.3 करोड़ रुपये) का राजस्व प्राप्त हुआ, जबकि परिचालन व्यय 4.9 मिलियन स्विस फ्रैंक रहा। इसके चलते एयरपोर्ट को लगभग 2.4 मिलियन स्विस फ्रैंक (₹28.3 करोड़) का एबिटडा घाटा झेलना पड़ा है।
विमानन कंपनियों और ईंधन लागत का दबाव Noida Airports Slow Start Geopolitical Tensions का मुख्य कारण मध्य पूर्व में जारी तनाव, हवाई क्षेत्र (एयरस्पेस) के प्रतिबंध और विमानन ईंधन की बढ़ती कीमतें हैं। इन वैश्विक चुनौतियों के कारण एयरलाइंस नए रूट्स और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के विस्तार में सतर्कता बरत रही हैं।
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों और भविष्य की संभावनाओं पर नजर शुरुआती सुस्ती के बावजूद एयरपोर्ट डेवलपर का मानना है कि भारतीय एविएशन मार्केट में दीर्घकालिक विकास की अपार संभावनाएं हैं। आने वाले समय में जैसे ही परिस्थितियां सामान्य होंगी, नोएडा एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय सेवाओं की शुरुआत कर दी जाएगी।







