बिना डिग्री और रजिस्ट्रेशन के इलाज का बड़ा खुलासा Karnataka Fake Doctors Crackdown की इस भयानक रिपोर्ट ने राज्य भर के स्वास्थ्य महकमे और आम जनता की रातों की नींद उड़ा दी है।
स्वास्थ्य मंत्री ने विधानसभा सत्र में खोले सनसनीखेज आंकड़े कर्नाटक में वर्ष 2024 से 2026 के दौरान बिना किसी मान्य मेडिकल डिग्री या रजिस्ट्रेशन के धड़ल्ले से क्लिनिक चला रहे 582 झोलाछाप डॉक्टरों को चिह्नित किया गया है। इस चौंकाने वाले मामले का पर्दाफाश राज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री यूटी खादर ने विधानसभा सत्र के दौरान विस्तृत जानकारी देते हुए किया।
कलबुर्गी में सबसे ज्यादा और बेंगलुरु में भी मिले मामले Karnataka Fake Doctors Crackdown की जारी रिपोर्ट के अनुसार कलबुर्गी में सबसे ज्यादा 127 और रायचूर में 124 नकली डॉक्टर पकड़े गए हैं। इसके अलावा धारवाड़ में 75, कोलार में 31 और बेंगलुरु अर्बन में भी 16 फर्जी डॉक्टरों की पहचान हुई है।
सख्त कानून के तहत जेल और भारी जुर्माना तय नकली डॉक्टरों पर शिकंजा कसने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कड़े दिशानिर्देश जारी किए हैं। पहली बार पकड़े जाने पर ₹25,000 जुर्माना, दूसरी बार में ₹2.5 लाख जुर्माना व 1 साल की सजा, तथा अपराध दोहराने पर ₹5 लाख जुर्माना और 3 साल तक की जेल का सख्त प्रावधान है।
जिला स्तर पर विशेष टास्क फोर्स गठित Karnataka Fake Doctors Crackdown अभियान को प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टास्क फोर्स बनाई गई है। यह टीम लगातार क्लीनिकों की जांच कर रही है और हर महीने सरकार को विस्तृत रिपोर्ट भेज रही है।





