BHU Gangatiri Surrogate Cow Sahiwal तकनीक की सफलता से काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान संकाय ने इतिहास रच दिया है। विश्वविद्यालय के राजीव गांधी दक्षिणी परिसर में वैज्ञानिकों ने स्वदेशी गोवंश सुधार की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है।
भ्रूण प्रत्यारोपण से जन्म: BHU Gangatiri Surrogate Cow Sahiwal प्रयोग के तहत गंगातीरी नस्ल की सरोगेट गाय ने 24 किलोग्राम वजन की अत्यंत स्वस्थ साहीवाल बछिया को जन्म दिया। इस प्रक्रिया में आधुनिक भ्रूण प्रत्यारोपण तकनीक (Embryo Transfer) और सेक्स-सॉर्टेड सीमन का सफलतापूर्वक प्रयोग किया गया।
उच्च दुग्ध उत्पादन क्षमता: BHU Gangatiri Surrogate Cow Sahiwal परियोजना के वैज्ञानिकों के अनुसार जन्मी बछिया की आनुवंशिक क्षमता 14 से 16 लीटर दैनिक दुग्ध उत्पादन की है। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत संचालित इस शोध का मुख्य उद्देश्य देश की देशी नस्लों का संरक्षण और संवर्धन करना है।
किसानों को मिलेगा सीधा लाभ: BHU Gangatiri Surrogate Cow Sahiwal के इस सफल मॉडल को आने वाले समय में विंध्य क्षेत्र के पशुपालकों और किसानों तक पहुँचाने की योजना है, जिससे दुग्ध उत्पादन में वृद्धि होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।







