स्वास्थ्य विभाग का सख्त निर्देश UP Maternal Death Audit को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने अब बेहद कड़ा रुख अपना लिया है। राज्य में प्रसूता की मृत्यु होते ही चौबीस घंटे के भीतर जांच रिपोर्ट तैयार करने का नया नियम तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
साप्ताहिक समीक्षा की व्यवस्था खत्म जवाबदेही तय करने की पहल पहले जहां मृत्यु समीक्षा सप्ताह में केवल एक बार की जाती थी, वहीं अब UP Maternal Death Audit व्यवस्था के तहत हर घटना की त्वरित जांच होगी। अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष ने लापरवाही मिलने पर सीधे कठोर कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
विशेष प्रशिक्षण का खाका तैयार स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार केजीएमयू के कलाम सेंटर में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान चिकित्सकों को विशेष ट्रेनिंग देने का निर्णय लिया गया। UP Maternal Death Audit के माध्यम से उन जिलों पर विशेष नजर रखी जाएगी जहां मातृ मृत्यु के मामले बार-बार सामने आ रहे हैं।
मातृ मृत्यु दर में गिरावट आंकड़ों में बड़ा सुधार प्रदेश में मातृ मृत्यु दर वर्ष 2016 के 197 से घटकर 2026 में 154 प्रति एक लाख पर पहुंच गई है। पोस्टपार्टम हैमरेज के 75 प्रतिशत मामलों की समय पर पहचान कर अब मौके पर ही तुरंत इलाज मुहैया कराया जा रहा है।







