सुप्रीम कोर्ट का सख्त कदम: JPSC CBI Probe Supreme Court Notice जारी होते ही दोनों प्रमुख चयन आयोगों जेपीएससी और जेएसएससी को तय समय सीमा के भीतर अपना आधिकारिक पक्ष रखना होगा। याचिकाकर्ता हरिशरण देवगन की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने यह निर्देश दिए हैं।
सीबीआई जांच की उठी मांग: JPSC CBI Probe Supreme Court Notice का मुख्य आधार 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में हुई कथित अनियमितताएँ हैं। याचिका में निष्पक्षता बनाए रखने के लिए पूरे मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग की गई है।
आगे क्या होगा आयोगों का रुख: JPSC CBI Probe Supreme Court Notice पर अब झारखंड लोक सेवा आयोग और कर्मचारी चयन आयोग की ओर से दाखिल होने वाले जवाब पर सभी की निगाहें टिकी हैं। अभ्यर्थियों के भविष्य और परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता को लेकर यह फैसला बेहद अहम साबित हो सकता है।







