
Dharmendra Pradhan ने हाल ही में देश की राजनीति में एक बड़ा भूचाल ला दिया जब उन्होंने अपने पद से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया। यह घटना तब घटी जब देश भर के छात्र शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे हुए थे।
दो देशों में दो बड़े इस्तीफे
नीट-यूजी पेपर लीक के भारी दबाव के बीच भारत के केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने अपने पद की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा सौंप दिया। हैरान करने वाली बात यह है कि ठीक इसी अंतराल में दूसरे देश यानी ऑस्ट्रेलिया की शिक्षा मंत्री यवेट बेरी ने भी अपने विभाग में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के चलते इस्तीफा दे दिया।
नैतिक जिम्मेदारी और फैसले
दोनों ही देशों के इन मंत्रियों के इस्तीफे के कारण भले ही अलग-अलग थे—एक तरफ भारत में पेपर लीक का मामला था तो दूसरी तरफ विदेश में भ्रष्टाचार—लेकिन दोनों ने ही अपने विभागों की विफलता की पूरी नैतिक जिम्मेदारी खुद पर ली। राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा तेज है कि क्या ऐसे कड़े कदम भविष्य में प्रशासनिक सुधार ला पाएंगे।





