Ayodhya Ram Mandir Cash Scam के पर्दे के पीछे चल रहे एक बेहद घिनौने खेल का ऐसा पर्दाफाश हुआ है जिसने राम जन्मभूमि परिसर की सुरक्षा और ईमानदारी पर एक बहुत बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है। मंदिर के ही एक अंदरूनी कर्मचारी के गुप्त ठिकानों पर जब पुलिस ने अचानक छापा मारा, तो घर के पिछवाड़े बने गोबर के ढेर से ₹10 लाख के नोटों की गड्डियां बरामद हुईं। इस घिनौनी वारदात के सामने आते ही अब पूरे अयोध्या धाम में आक्रोश फैल गया है और मामले की कमान स्वतंत्र एसआईटी को सौंपने की मांग उठ खड़ी हुई है।
बदबूदार ढेर में छिपा था खजाना चढ़ावे की रकम में लगातार हो रही हेराफेरी की खुफिया जानकारी मिलने के बाद जब जांच टीम ने आरोपी के घर की घेराबंदी की, तो Ayodhya Ram Mandir Cash Scam का सबसे घिनौना चेहरा सामने आया। शातिर चोर ने चोरी किए गए पूरे ₹10 लाख कैश को पॉलिथीन की कई परतों में लपेटकर मवेशियों के गोबर के नीचे गाड़ रखा था ताकि किसी को भनक तक न लगे।
श्रद्धालुओं की आस्था को लगा झटका इस सनसनीखेज बरामदगी की खबर जैसे ही फैली, वैसे ही Ayodhya Ram Mandir Cash Scam ने राजनीतिक रूप ले लिया है और ट्रस्ट के भीतर आपातकालीन बैठकों का दौर शुरू हो गया है। देश-विदेश से आने वाले करोड़ों भक्तों के दान पर इस तरह डाका डालने की इस घटना ने राम मंदिर की पूरी आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से कटघरे में खड़ा कर दिया है।
बड़ी साजिश की गहरी बू स्थानीय प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारियों को अंदेशा है कि गोबर के ढेर से निकला यह ₹10 लाख तो सिर्फ एक ट्रेलर है, असली फिल्म और इससे जुड़े बड़े किरदार अभी भी पर्दे के पीछे छिपे हैं। यही कारण है कि अब इस पूरे नेक्सस को जड़ से उखाड़ने के लिए साधारण पुलिसिया तफ्तीश के बजाय एक हाई-लेवल एसआईटी (SIT) जांच की मांग हर तरफ से गूंजने लगी है।
काउंटिंग रूम में अब सख्त पहरा इस बेहद शर्मनाक खुलासे के बाद अब राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के भीतर रोजाना होने वाले चढ़ावे की गिनती और ऑडिटिंग के नियमों को रातों-रात बदल दिया गया है। सूत्रों का कहना है कि जब तक इस ₹10 लाख की चोरी के पीछे के मास्टरमाइंड का पता नहीं चल जाता, तब तक कैश रूम से जुड़े हर एक संदिग्ध शख्स पर खुफिया एजेंसियां पैनी नजर रखेंगी।





