Mallikarjun Kharge Complaint: बयान से बढ़ा राजनीतिक विवाद — कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पटना में दिए गए एक बयान ने 25 अक्टूबर 2026 को राजनीतिक हलचल तेज कर दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई टिप्पणी के बाद भाजपा कार्यकर्ता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी इस बयान की आलोचना करते हुए खड़गे और राहुल गांधी से माफी मांगने की अपील की।
Mallikarjun Kharge Complaint: जानिए पूरा मामला
पटना के कार्यक्रम में क्या हुआ? — यह विवाद बिहार के पहले मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान सामने आया। पटना के बापू सभागार में भाषण देते समय खड़गे को दर्शकों में मौजूद एक व्यक्ति ने टोका। उस व्यक्ति ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी कहीं नहीं जाएंगे।
खड़गे के जवाब से विवाद शुरू हुआ — दर्शक की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए खड़गे ने कहा, “मोदी का बाप भी जाएगा।” इस बयान के बाद भाजपा नेताओं ने आपत्ति जताई। टिप्पणी के संदर्भ और उसकी भाषा को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए।
भाजपा कार्यकर्ता ने दर्ज कराई शिकायत — 26 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, भाजपा कार्यकर्ता कृष्ण कुमार सिंह ने रविवार शाम पटना के कोतवाली थाने में शिकायत दी थी। शिकायत में खड़गे की टिप्पणी की जांच करने और उपलब्ध वीडियो तथा समाचार रिपोर्टों के आधार पर बयान का संदर्भ स्पष्ट करने की मांग की गई।
शिकायत दूसरे थाने में भेजने की प्रक्रिया — पुलिस अधिकारी के मुताबिक, घटना गांधी मैदान थाना क्षेत्र में हुई थी। इसलिए कोतवाली थाने में मिली शिकायत को संबंधित अधिकार क्षेत्र वाले गांधी मैदान थाने में भेजने की बात कही गई। शिकायत दर्ज होना अपने आप में किसी अपराध का न्यायिक रूप से साबित होना नहीं है।
CM सम्राट चौधरी ने क्या कहा?
खड़गे और राहुल गांधी से माफी की मांग — बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बयान की आलोचना करते हुए मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी से माफी मांगने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के परिवार को लेकर ऐसी भाषा का इस्तेमाल सार्वजनिक जीवन में स्वीकार्य नहीं होना चाहिए।
भाजपा नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया — बिहार भाजपा के अन्य नेताओं ने भी टिप्पणी पर आपत्ति जताई। उनका कहना था कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद सार्वजनिक संवाद में मर्यादा बनाए रखना जरूरी है। भाजपा ने इस बयान के विरोध में प्रदर्शन करने की घोषणा भी की।
अमित शाह ने भी जताई नाराजगी — केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने खड़गे की टिप्पणी की आलोचना की। भाजपा नेताओं ने इसे प्रधानमंत्री और उनके परिवार के प्रति अनुचित टिप्पणी बताया। यह प्रतिक्रिया राजनीतिक बयानबाजी के बीच सामने आई।
विवाद के पीछे क्या था राजनीतिक संदर्भ?
SIR और वोटर लिस्ट पर चल रही बहस — कार्यक्रम में खड़गे ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया के जरिए विपक्ष समर्थक मतदाताओं के नाम हटाए जा सकते हैं। ये राजनीतिक आरोप हैं; इन्हें स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
कांग्रेस और भाजपा के बीच बढ़ी बयानबाजी — इस घटना ने दोनों दलों के बीच पहले से जारी राजनीतिक टकराव को और तेज कर दिया। कांग्रेस की ओर से मतदाता सूची और लोकतांत्रिक संस्थाओं से जुड़े सवाल उठाए जा रहे थे, जबकि भाजपा ने खड़गे की भाषा को मुद्दा बनाया।
शिकायत पर आगे क्या होगा? — पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर सकती है। फिलहाल शिकायत दर्ज होने को किसी अदालत के दोष निर्धारण के बराबर नहीं माना जा सकता। आगे की कानूनी स्थिति संबंधित पुलिस कार्रवाई और जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।
निष्कर्ष: बयान से शुरू हुआ विवाद अब शिकायत तक पहुंचा
राजनीतिक भाषा पर फिर चर्चा — Mallikarjun Kharge Complaint का मामला दिखाता है कि वरिष्ठ नेताओं के सार्वजनिक बयान किस तरह राजनीतिक विवाद का रूप ले सकते हैं। एक कार्यक्रम में दर्शक की टिप्पणी पर दिए गए जवाब के बाद शिकायत दर्ज हुई और मुख्यमंत्री सहित भाजपा नेताओं ने माफी की मांग की। अब शिकायत पर आगे होने वाली पुलिस कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।







