Vande Mataram Law Insult नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अब केंद्र सरकार ने कानून को अत्यधिक सख्त कर दिया है।
सियासी घमासान के बीच नया कानून राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के गायन को लेकर देशभर के राजनीतिक गलियारों में अचानक गर्माहट बढ़ गई है। कांग्रेस कार्य समिति (CWC) द्वारा आधिकारिक कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के केवल पहले दो पदों के गायन का फैसला लेने के बाद भाजपा ने इस पर बेहद कड़ा रुख अपनाया है।
भाजपा का 10 बिंदुओं वाला प्रस्ताव सत्तारूढ़ दल ने कांग्रेस के फैसले के खिलाफ 10 बिंदुओं वाला निंदा प्रस्ताव पारित कर देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का एलान कर दिया है। भाजपा का तर्क है कि राष्ट्र गीत के सम्मान और उसकी ऐतिहासिक विरासत के साथ कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
कानूनी संरक्षण का नया दायरा इसी वैचारिक तकरार के बीच Vande Mataram Law Insult को रोकने के लिए राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित किया गया है। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद लागू हुए इस नए कानून के तहत अब राष्ट्र गीत के अपमान पर वही कठोर सजा मिलेगी जो राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के अपमान पर तय थी।
व्यवधान डालने पर मिलेगी सख्त सजा नए प्रावधानों के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर राष्ट्र गीत के गायन को रोकता है या इसमें व्यवधान डालता है, तो उसे धारा 3 के तहत अपराधी माना जाएगा। इस कानून के तहत Vande Mataram Law Insult के दोषियों को तीन वर्ष तक का कारावास, जुर्माना या दोनों भुगतना पड़ सकता है।
बार-बार अपराध दोहराने पर नहीं मिलेगी राहत यदि कोई व्यक्ति इस अपराध को दोबारा दोहराता है, तो नए कानून की धारा 3क के तहत उस पर किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी। ऐसे मामलों में दोषी के लिए कम से कम एक वर्ष की अनिवार्य कठोर जेल की सजा तय की गई है।







