UP Sugar Price Hike की इस अचानक आई खबर ने उत्तर प्रदेश के आम उपभोक्ताओं और मिठाई कारोबारियों की नींद पूरी तरह उड़ा दी है। रक्षाबंधन और जन्माष्टमी जैसे बड़े त्योहारों से ठीक पहले फुटकर बाजार में चीनी की कीमतें ₹65 से ₹70 प्रति किलो के स्तर पर पहुंच चुकी हैं। अगस्त की शुरुआत में जो चीनी करीब ₹48 प्रति किलो बिक रही थी, उसके दामों में आए इस अप्रत्याशित उछाल ने पूरे प्रदेश के बाजार में भारी हड़कंप मचा दिया है।
कीमतों में रिकॉर्ड तेजी UP Sugar Price Hike का सीधा असर अब घरों की रसोई से लेकर हलवाइयों और छोटे दुकानदारों के बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। लखनऊ से लेकर गोरखपुर तक के थोक और फुटकर व्यापारियों के अनुसार त्योहारों के दौरान चीनी की मांग सामान्य दिनों के मुकाबले लगभग 40 प्रतिशत तक बढ़ जाती है। यदि आने वाले दिनों में आपूर्ति सही समय पर नहीं बढ़ाई गई, तो कीमतों पर और अधिक दबाव पड़ने की पूरी आशंका जताई जा रही है।
आपूर्ति और जमाखोरी की चिंता गोरखपुर के व्यापारी अमित कुमार और फुटकर कारोबारी निकुंज टेकड़ीवाल ने बाजार में चीनी की कृत्रिम किल्लत पैदा किए जाने की आशंका व्यक्त की है। उनका कहना है कि बाजार में चीनी की उपलब्धता होने के बावजूद ऊंचे भाव पर माल बेचा जा रहा है। व्यापारियों ने सरकार से मांग की है कि बड़े कारोबारियों और चीनी मिलों के स्टॉक की कड़ी निगरानी की जाए और जरूरत पड़ने पर स्टॉक सीमा तय की जाए ताकि कालाबाजारी रोकी जा सके।
एथेनॉल उत्पादन का असर कारोबारी रामानंद गुप्ता के अनुसार गन्ने से चीनी बनाने के बजाय एथेनॉल उत्पादन पर अधिक जोर दिए जाने का प्रभाव भी घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता पर पड़ा है। घरेलू मांग और एथेनॉल नीति के बीच संतुलन बनाए रखना बेहद आवश्यक हो गया है। अगर UP Sugar Price Hike का यह दौर जारी रहा, तो त्योहारों के इस मौसम में मिठाइयों की निर्माण लागत बढ़ेगी, जिसका पूरा बोझ अंततः आम उपभोक्ता की जेब पर ही पड़ेगा।







