सस्पेंस से भरी रात का खौफनाक अंत

Prabhas Mondal Encounter ने पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में 11 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ हुई बर्बरता के मामले को एक बेहद चौंकाने वाले अंजाम पर पहुंचा दिया है। पुलिस कस्टडी में मौजूद इस खूंखार आरोपी को अंदाजा भी नहीं था कि बुधवार की सुबह उसकी जिंदगी की आखिरी सुबह साबित होने वाली है।

क्राइम सीन पर रोंगटे खड़े करने वाली वारदात

पुलिस हथियार छीनने की कोशिश: बारुईपुर पुलिस की टीम आरोपी को धपधपी-2 पंचायत के सूर्यपुर हाट इलाके में बने तालाब के पास क्राइम सीन रिक्रिएशन के लिए ले गई थी। इसी दौरान प्रभास मंडल ने अचानक पुलिसकर्मियों पर हमला कर उनके हथियार छीनने और उन पर अंधाधुंध फायरिंग करने की खतरनाक कोशिश की।

जवाबी कार्रवाई में मारा गया मुख्य आरोपी

पुलिस मुठभेड़ में ढेर: अचानक हुए इस जानलेवा हमले के बाद पुलिस टीम ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई के दौरान लगी गोलियों से घायल होने के बाद जब उसे अस्पताल ले जाया गया, तो डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया और Prabhas Mondal Encounter की पुष्टि हुई।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुली रूह कंपाने वाली हैवानियत

मासूम के साथ बर्बरता: शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस मामले में आरोपी की रूह कंपा देने वाली क्रूरता को पूरी तरह उजागर किया था। रिपोर्ट के अनुसार, 11 साल की मासूम बच्ची के सिर पर भारी वस्तु से वार करने और गंभीर शारीरिक यातना देने के बाद उसे जिंदा ही बोरी में बंद कर तालाब में फेंक दिया गया था।

इलाके में फैला था भारी तनाव और जनाक्रोश

जनता की मांग और सियासत: शनिवार शाम को लापता हुई बच्ची का शव रविवार सुबह मिलने के बाद से ही पूरे बारुईपुर क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त था। इस घटना के बाद पश्चिम बंगाल के नेता सुवेंदु अधिकारी ने भी कानून-व्यवस्था बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए थे, जिसके बाद पुलिस ने Prabhas Mondal Encounter से पहले त्वरित कार्रवाई की थी।

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