दहशत का तांडव Leopard Attack Bahraich की घटना ने पूरे दुदीपुरवा गांव को हिला कर रख दिया है। दोपहर के सन्नाटे को चीरती हुई तेंदुए की दहाड़ और ग्रामीणों की चीख-पुकार से पूरा इलाका थर्रा उठा।
अचानक हुआ हमला खैरटिया हमीदपुर ग्राम पंचायत के निवासियों के लिए यह दिन किसी बुरे सपने जैसा था। Leopard Attack Bahraich के दौरान 15 से 70 वर्ष की आयु के कुल 7 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
तत्काल उपचार जारी घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम हरकत में आ गई। सभी घायलों को बहराइच जिला अस्पताल के वन्यजीव वार्ड में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति पर नजर बनी हुई है।
खेतों में छुपा शिकारी Leopard Attack Bahraich के बाद आदमखोर तेंदुआ पास के ही एक केले के खेत में जा छुपा है। वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम घेराबंदी कर रही है ताकि किसी और को नुकसान न पहुंचे।
सुरक्षा की अपील प्रशासन ने तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की कवायद शुरू कर दी है। अधिकारियों ने ग्रामीणों को घर से बाहर न निकलने और सतर्क रहने की सख्त हिदायत दी है।







